पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी आफ इण्डिया, वाराणसी चैप्टर
कार्यक्रम रिपोर्ट
• जनसंपर्क दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी और सम्मान समारोह संपन्न
• सनातन मूल्यों और उभरता भारत विषय पर जानकारों और छात्र-छात्राओं ने व्यक्त किये विचार
• भारतीय मूल्यों व वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत में छिपा है सफल जीवन का सार
• पत्रकारिता और जनसंचार शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान हेतु बारह अग्रणी संस्थानों को दिया गया जनसंपर्क सेवा सम्मान
• उत्कृष्ट प्रस्तुति करने वाले छात्र-छात्राओं को विशेष पुरस्कार
• 20-21 अप्रैल को पूरे भारत में 27 स्थानों पर हो रहा है कार्यक्रम
विश्व जनसम्पर्क दिवस के उपलक्ष्य में पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी आफ इण्डिया, वाराणसी चैप्टर द्वारा जीवनदीप महाविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सहयोग से 20 अप्रैल 2024, शनिवार को “राष्ट्रीय जनसम्पर्क दिवस कार्यक्रम व संगोष्ठी” का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया. यह कार्यक्रम 20-21 अप्रैल को पूरे भारत में 27 स्थानों पर आयोजित किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि आकाशवाणी के निदेशक राजेश कुमार गौतम के सानिध्य में विस्तारित विमर्श व संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसका विषय जनसम्पर्क के परिप्रेक्ष्य में सनातन मूल्य व उभरता भारत रहा।
अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि भारतीय मूल्यों व वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत में सफल जीवन का सार छिपा है. सनातन मूल्यों ने भारत को ज्ञान, अध्यात्म व चेतना के क्षेत्र में सदा आगे रखा है और एक बार पुनः इनके बल पर नया उभरता भारत एक बड़ी वैश्विक शक्ति के रूप में उभार पर है. इन मूल्यों ने न केवल हमारी उपयुक्त छवि सबके सामने रखी बल्कि हमें विशेष स्थान भी दिलाया है।
प्रारंभ में मुख्य अतिथि व गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया. उसके उपरांत गणेश वंदना और पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया का गीत जन जन से संपर्क बढ़ाने वाले हम – आशाओं की किरण जगाने वाले हम प्रस्तुत किया गया और गणमान्य अतिथियों का अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी आफ इण्डिया, वाराणसी चैप्टर के चेयरमैन अनिल के. जाजोदिया ने कहा कि जनसंपर्क न केवल समूह या संस्थान बल्कि हर व्यक्ति के लिए बड़ा महत्वपूर्ण होता है. हमारे कार्यों और संपर्क से ही हमारी छवि का निर्माण होता है और लोग उसी के अनुरूप हमारा आंकलन करते है. हमसे पहले हमारी खबर और हमारा प्रभाव पहुँच कर आपसी संपर्क और संबंधों की दिशा का आधार बना देते हैं।
जनसंपर्क सेवा सम्मान
इस अवसर पर पत्रकारिता और जनसंचार शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान हेतु बारह अग्रणी संस्थानों को जनसंपर्क सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया. जनसंपर्क सम्मान से विभूषित संस्थानों में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, मदनमोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान, जगतपुर महाविद्यालय, धीरेन्द्र महिला महाविद्यालय, जीवनदीप महाविद्यालय, डीएवी डिग्री कॉलेज, स्कूल आफ मैनेजमेंट साइंसेज, बसंता महिला महाविद्यालय, महादेव पोस्ट ग्रेजुएट कालेज, हरिश्चन्द्र पोस्ट ग्रेजुएट कालेज, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय प्रमुख रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता काशी विद्यापीठ के मदन मोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक प्रो. नागेन्द्र सिंह ने कहा कि स्वयं की चेतना से संपर्क और लोगों से सही संवाद जीवन का अटूट कार्य है. स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हम जैसे हैं वह छवि और हमारे भावों की सही अभिव्यक्ति हमें लोगों से जोड़ती है और यह यही हमारी प्रगति का आधार भी बनती है. हम जैसे नहीं है यह दिखाना कठिन है, इसलिए आवश्यक है कि हम जैसा दिखना चाहते हैं, वैसे बने।
प्रमुख वक्ता वरिष्ठ पत्रकार और लेखक विश्वनाथ गोकर्ण ने कहा कि इस दौर में भारतीय मूल्यों को विश्व पटल पर रखने और सत्य, अहिंसा व करुणा के माध्यम से वसुधैव कुटुम्बकम का सिद्धांत वैश्विक स्तर पर प्रतिपादित करने का सुनहरा अवसर बताया. साथ ही कहा कि ईमानदारी और अच्छी साख हमारे जनसंपर्क को प्रभावी बनाती है. हमें जनसम्पर्क करते समय अपनी कमियों को भी उसके मजबूत पक्ष के साथ रखना होगा।
इस अवसर पर जीवनदीप के विभागाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह और हर्ष अग्रवाल को भी विशेष संयोजन पुरस्कार से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में पत्रकारिता व जनसंचार के छात्र छात्राओं ने शोध पत्र, डाक्यूमेंट्री और टैबोलाइट प्रस्तुत किये जिनमें उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए अग्रणी विजेताओं को विशेष पुरस्कार प्रदान किये गए. सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये गए।
कार्यक्रम को पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी आफ इण्डिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेंद्र मेहता ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम का ओजस्वी और ज्ञानपूर्ण संचालन विद्यालय के प्रवक्ता राघवेन्द्र सर के मार्गदर्शन में छात्राओं द्वारा किया गया. स्वागत जीवनदीप की निदेशिका डॉ अंशु सिंह, प्रधानाचार्य डॉ. इन्द्रेश चन्द्र सिंह एवं धन्यवाद प्रकाश सोसाइटी के सचिव प्रदीप कुमार उपाध्याय द्वारा किया गया. इस अवसर पर ज्ञानेंद्र उपाध्याय, महेश सेठ सहित महाविद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्राएं प्रमुखता के साथ उपस्थित रहे।



प्रदीप कुमार उपाध्याय
सचिव # मो. 7839267864/7985205744
